Friday 9th of January 2026

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: समग्र शिक्षा के अंतर्गत भर्ती में गड़बड़ी की जांच के लिए बेलतरा विधायक ने लाया ध्यानाकर्षण।

समग्र शिक्षा के अंतर्गत भर्ती में गड़बड़ी की जांच के लिए बेलतरा विधायक ने लाया ध्यानाकर्षण। वर्तमान जारी विधानसभा के मानसून सत्र में बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला ने समग्र शिक्षा के अंतर्गत की गई भर्ती में घोटाले की जांच के लिए ध्यानाकर्षण सूचना के द्वारा सदन में स्कूल शिक्षा मंत्री का ध्यान आकृष्ट किया है।   उन्होंने सदन को जानकारी दी है कि समग्र शिक्षा के अंतर्गत मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता कार्यक्रम प्रोजेक्ट के अंतर्गत आईटी, न्यूमरेसी और लिट्रेसी एफ एन एल के कुल 41पदों की भर्ती में लेन देन करके नियुक्ति दी गई है। उन्होंने बताया है कि इन पदों पर भर्ती के लिए 2024 में विज्ञापन जारी किया गया था प्रदेश के हजारों की संख्या में बेरोजगारों ने आवेदन किया था और इनमें से 100आवेदकों की दिनांक 03.10.2024को साक्षात्कार आयोजित किया गया था।   और इस आधार पर सहायक संचालक के हस्ताक्षर से चयन सूची एवं प्रतीक्षा सूची जारी किया गया था चयनित आवेदकों को ईमेल से सूचना तो दी गई परन्तु ज्वाइनिंग नहीं दिया गया। अधिकृत रूप से नियुक्ति आदेश जारी नहीं किया गया और चयन सूची से कुछ लोगों की ही नियुक्ति की गई और तीन -तीन लाख रूपए तक रिश्वत लेकर ऐसे लोगों को इन पदों पर नियुक्ति देकर ज्वाइनिंग करा दिया गया।   जो न तो इंटरव्यू में शामिल थे और न ही चयन सूची में उनका नाम था।इस पूरी भर्ती घोटाले में प्रोजेक्ट प्रबंधक समग्र शिक्षा,एपीसी समग्र शिक्षा और कंप्यूटर आपरेटर शामिल रहे हैं इसके पहले भी प्रोजेक्ट प्रबंधक किलोल पत्रिका, चलचित्र जैसे घोटाले में चर्चा में रहे हैं।   चयनित एवं पीड़ित कुछ आवेदकों ने दिनांक 29.04.2025को प्रबंध संचालक समग्र शिक्षा को लिखित में शिकायत कर इस प्रकार के भर्ती घोटाले की जांच कराने की मांग किया है परन्तु कोई जांच नहीं किया गया है इस प्रकार की कार्यवाही से प्रदेश के योग्य बेरोजगारों का हित प्रभावित हुआ है।   इसकी जांच नहीं होने से समग्र शिक्षा में भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा।   जनहित में इसकी जांच कर चयनित आवेदकों की नियुक्ति किया जाना उचित होगा और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने इस घोटाले में शामिल अधिकारी कर्मचारी के विरुद्ध कार्यवाही किया जाना आवश्यक है।   अब देखना ये है कि इस घोटाले की किस प्रकार और कब तक जांच कराई जाती है।   प्रभावित बेरोजगार एवं आम जनता को इसका इंतजार है।

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