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एसईसीएल की लापरवाही ने छीनी लखन की जिंदगी, सुआभोड़ी खदान में पसरा मातम

आगामी जनगणना 2027 हेतु कोरबा में GOOGLE EARTH PRO आधारित भू-संदर्भण प्रशिक्षण आयोजित।

कोरबा : एसईसीएल की लापरवाही ने छीनी लखन की जिंदगी, सुआभोड़ी खदान में पसरा मातम

कोरबा ( न्यूज़ उड़ान ), छत्तीसगढ़ 7 जनवरी| कोयला उत्पादन की अंधी दौड़ में क्या अब इंसानी जान की कोई कीमत नहीं रह गई है? बुधवार दोपहर एसईसीएल की दीपका कोयला खदान के सुआभोड़ी फेस पर हुई एक हृदयविदारक घटना ने इस सवाल को दोबारा खड़ा कर दिया है। मानकों को ताक पर रखकर की गई भारी ब्लास्टिंग (Heavy Blasting) के कारण उड़े पत्थरों ने ग्राम रेकी निवासी लखन पटेल की जीवनलीला समाप्त कर दी। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में आक्रोश की लहर है और प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ीं, सड़क पर चल रहे ग्रामीण पर बरसा ‘काल’

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा उस वक्त हुआ जब खदान में अमानक तरीके से ब्लास्टिंग की जा रही थी। आरोप है कि ब्लास्टिंग से पहले न तो निर्धारित ‘सेफ्टी ज़ोन’ बनाया गया और न ही सड़क से गुजर रहे लोगों को सुरक्षित दूरी पर रोका गया। इसी दौरान एक विशाल पत्थर सीधे लखन पटेल पर आ गिरा, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

परिजनों के लिए न्याय की मांग: FIR और 50 लाख मुआवजा

समिति ने प्रबंधन के सामने अपनी कड़ी शर्तें रखी हैं और स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक न्याय नहीं मिलता, आंदोलन जारी रहेगा। उनकी प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:

  • FIR और कार्यवाही: खान सुरक्षा निदेशालय (DGMS) और लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ तत्काल आपराधिक मामला दर्ज हो।

  • आर्थिक सहायता: मृतक के परिजनों को 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए।

  • स्थायी रोजगार: परिवार के एक सदस्य को योग्यतानुसार एसईसीएल में स्थायी नौकरी दी जाए।

  • ब्लास्टिंग की समीक्षा: भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा मानकों की उच्च स्तरीय जांच हो.उग्र आंदोलन की चेतावनीअध्यक्ष सपुरन कुलदीप ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रबंधन और प्रशासन जल्द ही इन मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेते, तो संगठन उग्र प्रदर्शन के लिए बाध्य होगा। फिलहाल, ग्रामीणों में व्याप्त भारी आक्रोश को देखते हुए क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है और सुआभोड़ी फेस के कार्य को रोकने की मांग की जा रही है।

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