: हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ के उद्योग,वाणिज्य,श्रम मंत्री माननीय लखन लाल देवांगन भी शामिल हुए।
Thu, Apr 25, 2024
कोरबा( न्यूज उड़ान ) हनुमान जन्मोत्सव के पावन पर्व श्री वीर हनुमान कल्याण सेवा समिति द्वारा श्री राम जानकी मंदिर में इस वर्ष भी 51 जोड़ों के साथ संगीतमय सुंदरकंद का आयोजन किया गया और उसके बाद भोग वितरण किया गया।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य उद्योग श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन भी शामिल हुए, साथ हीनगर वसियों ने भी कार्यक्रम में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया।
: उरगा के 1 घर में निकला जहरीला नाग...!!
Thu, Apr 25, 2024
कोरबा( न्यूज उड़ान) उरगा के 1 घर में जहरीला नाग फन फ़ैलाये बैठा था, जिसके बाद पड़ोस में रहने वाले व्यक्ति के द्वारा कॉल कर आरसीआरएस संस्था के मुखिया अविनाश यादव को इस बात की जानकारी दी गई, व जिसके बाद सर्पमित्र द्वारा सुरक्षित रेस्क्यू किया गया....!!अभी बारिश का मौसम आया भी नहीं है, और सांपो के निकलने का सिलसिला शुरू हो गया है, ऐसा ही 1 वाकया कोरबा शहर के 1 ग्राम उरगा में बीती शाम हुआ।जहां उस गांव के 1 घर की रसोई में जहरीला नाग फन फ़ैलाये बैठा था, जब महिला रात का खाना बनाने के लिए रसोई पहुंची तो उसने देखा की, अपने शिकार के तलाश में नाग कुंडी मारे बैठा हुआ था, जिसे देख उसके होश फाख्ता हो गये, फिर वो वहां से दौड़ती आई और घर के अन्य परिजनों को इसकी जानकारी दी।तब पड़ोस में रहने वाले 1 व्यक्ति के द्वारा आर.सी.आर.एस संस्था के अध्यक्ष अविनाश यादव को सुचित किया गया, जिसके बाद देरी ना करते हुए,अविनाश और उनकी टीम के सदस्य गौरव साहू जल्द ही उस स्थान पर पहुंचे ।फिर जहरिले सर्प को अपने काबू में कर सुरक्षित रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया....!! सफल रेस्क्यू होने के बाद वहां उपस्थित सभी लोगों ने सर्प मित्रों को बहुत-बहुत साधुवाद दिया, इसके बाद पास के ही जंगल में सांप को सुरक्षित छोड़ दिया गया ।सर्प मित्रों ने लोगों से अपील की है कि, यदि आपके आसपास कोई सर्प या कोई भी वन्य प्राणी दिखे तो उन्हें नुकसान न पहुंचाएं और देरी न करते हुए तत्काल वन विभाग या हमें सूचित करें....!!हेल्पलाइन नंबर - 9827917848,
7987957958,9009996789
: मोदी की गलत नीतियों के कारण चुनाव बहिष्कार की नौबत। देखे वीडियो
Thu, Apr 25, 2024
कोरबा (न्यूज उड़ान )संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत एसईसीएल की कुसमुंडा परियोजना से प्रभावित ग्राम पाली, पड़निया, सोनपुरी, खैरभवना, जटराज चंद्रनगर, रिस्दी, खोडरी, चुरैल व अमगांव के ग्रामीणों सहित अन्य क्षेत्र में चुनाव बहिष्कार के निर्णय पर। कोरबा सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने कहा है कि मोदी सरकार की गलत नीतियों के कारण बहिष्कार की नौबत आ पड़ी है। https://youtu.be/vuoeghjRpX8?si=2dgHHMxtW03b0WJ6 सांसद ज्योत्सना महंत ने बताया कि कांग्रेस के शासनकाल में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भू-अर्जन की नीति को निरस्त कर दिया था। साथ ही शहरी क्षेत्र में खदान प्रभावितों को मुआवजा राशि दोगुना व ग्रामीण क्षेत्रों में चार गुना मुआवजा, भू-विस्थापितों को अनिवार्य नौकरी, ग्रामसभा के बगैर किसी भी कार्य के स्वीकृत नहीं होने का नियम जारी किया गया।सांसद ने बताया कि पिछले 10 वर्षों से काबिज मोदी सरकार में पुनर्वास नीति नहीं बनाई जा सकी। कोयला खनन प्रभावित क्षेत्रों में सीएसआर पर अधिकांश राशि डीएमएफ की व अन्य मद से खर्च करना है लेकिन उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए कोयला कंपनी, निजी कंपनी, ठेका कंपनियों के द्वारा भू-विस्थापितों का शोषण किया जा रहा है। खदानों में मैन पॉवर को घटाकर एवं काम से निकाल कर मशीनों से काम लिया जाने लगा है। मेडिकल अनफिट कर्मियों के आश्रित को नौकरी देने का नियम बनाया गया था जिसे भी बंद कर दिया गया है जिससे हजारों आश्रित लोग नौकरी से वंचित हैं। यह साबित करता है कि मोदी सरकार नौकरी देने के पक्ष में नहीं है। सांसद ने कहा कि स्वास्थ्य संबंधी समस्या को काफी हद तक ठीक करने का काम कांग्रेस शासनकाल में किया गया और मेरे द्वारा भी इसके लिए संसदीय कार्यकाल के दौरान लगातार प्रयास कर कार्य कराया जाता रहा है।उन्होंने कहा कि उत्पादन बढ़ाकर व इस मामले में पुरस्कार तो एसईसीएल प्रबंधन व कोल इंडिया ले रहे हैं लेकिन भू-विस्थापितों की अनदेखी हो रही है।सांसद ने बताया कि उन्होंने संसद में हर समय और बार-बार भू-विस्थापितों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया है लेकिन मोदी सरकार के कानों में जूं तक नहीं रेंगी।सांसद ने संबंधित ग्रामवासियों व मतदाताओं से अपील की है कि वे अपने ऊपर हो रहे अन्याय का जवाब अपने मौलिक अधिकार से दें।प्रत्येक मतदाता को मतदान करने का अमूल्य अधिकार प्राप्त है और इसका सदुपयोग अपने हक की लड़ाई के लिए हर मतदाता को करना ही चाहिए इसलिए 7 मई को अपने मतदान केंद्र में पहुंचकर लोकतंत्र के त्यौहार में सहभागी बनें व शोषण, अत्याचार, भ्रष्टाचार के खिलाफ अधिकार के जरिए मुखर हों।