: 9 माह से लापता युवती को थाना लेमरू पुलिस ने खोज निकाला।
Mon, Apr 28, 2025
कोरबा (न्यूज उड़ान )थाना लेमरू अंतर्गत कुंदरी चिंगार, ग्राम पंचायत डोकरमना निवासी फरियादी फते सिंह पोर्ते द्वारा अपनी 20 वर्षीय पुत्री के 09 माह पूर्व अचानक लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। युवती 12वीं कक्षा की पढ़ाई कर रही थी और कार्यवश रायपुर गई। लेकिन जब जुलाई-अगस्त 2024 में परिजनों से संपर्क टूटने के पश्चात युवती का कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था।प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए थाना लेमरू पुलिस द्वारा गुम इंसान क्रमांक 01/2025 के तहत सतत प्रयास किए गए। मोबाइल नंबर के साइबर तकनीकी विश्लेषण तथा साइबर सेल कोरबा के सहयोग से युवती की लोकेशन ट्रेस की गई। जांच के दौरान युवती को महाराष्ट्र राज्य के पुणे जिले के हिंजवड़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत से सुरक्षित बरामद किया गया।पुलिस टीम द्वारा आवश्यक विधिक कार्यवाही पूर्ण कर युवती को परिजनों के सुपुर्द किया गया।
: दीपका पुलिस की बड़ी कार्रवाई — गेवरा खदान से डीजल चोरी मामले मे 2 गिरफ्तार।
Mon, Apr 28, 2025
कोरबा( न्यूज उड़ान) पुलिस अधीक्षक कोरबा सिद्धार्थ तिवारी (भा.पु.से.), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीतीश ठाकुर, नगर पुलिस अधीक्षक रवींद्र कुमार मीणा एवं नगर पुलिस अधीक्षक दर्री विमल कुमार पाठक के निर्देशन में दीपका पुलिस द्वारा कार्यवाही की गई। घटना का संक्षिप्त विवरण:
दिनांक 27/04/2025 को थाना दीपका में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि गेवरा खदान क्षेत्र में अज्ञात व्यक्तियों द्वारा डीजल चोरी की जा रही है। सूचना प्राप्त होते ही थाना प्रभारी दीपका श्री प्रेमचंद साहू के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई प्रारंभ की गई। मुखबिर की सूचना के आधार पर खदान क्षेत्र में घेराबंदी कर चोरी कर रहे गिरोह को पकड़ा गया।
उनके कब्जे से 6 जरीकेन में 210 लीटर डीजल, एक बोलेरो कैंपर (CG16CP8988) और एक बुलेट मोटरसाइकिल (CG12BR9762) बरामद की गई। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने डीजल चोरी की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है दोनों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड में जेल भेजा गया है। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश एवं विधिक कार्रवाई प्रगति पर है।मुख्य बिंदु:210 लीटर डीजल 6 जरीकेन में बरामद।बोलेरो कैंपर (क्रमांक CG16CP8988) और बुलेट वाहन (क्रमांक CG12BR9762) जप्त।दोनों आरोपियों को गिरफ़्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।गिरफ्तार आरोपीगण:1. उमाकांत सारथी उर्फ काले, पिता कुंजराम सारथी, उम्र 34 वर्ष, निवासी गेवराबस्ती, थाना कुसमुंडा।2. अनुराग रजक, पिता गोरेलाल रजक, उम्र 19 वर्ष, निवासी घुईचुवा, चौकी चैतमा।
: सुशासन तिहार के तहत प्राप्त आवेदनों का गुणवत्ता पूर्ण करें निराकरणः कलेक्टर अजीत वसंत।
Sun, Apr 27, 2025
कोरबा (न्यूज उड़ान )कलेक्टर अजीत वसंत की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की बैठक आयोजित हुई। उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए लक्ष्य की शतप्रतिशत उपलब्धि प्राप्त करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सुशासन तिहार के तहत प्राप्त आवेदनों का गुणवत्ता पूर्ण निराकरण किया जाए। कोई भी आवेदन लंबित न रहे। कलेक्टर ने एनएचएम के भर्ती प्रक्रिया निश्चित समय सीमा में पूर्ण न करने पर संबंधितों के विरूद्ध कारण बातओं नोटिस जारी करने के निर्देश सीएमएचओं को दिए।
उन्होंने जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं का समुचित क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि शत प्रतिशत संस्थागत सुरक्षित प्रसव कराएं जावे।कलेक्टर ने मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को रोकने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्वस्थ अमले को निर्देशित किया कि विशेष पिछड़ी जनजाति वाली ग्राम पंचायतों को प्राथमिकता से टीबी मुक्त किया जाए।
समीक्षा बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एस एन केशरी तथा समस्त कार्यक्रम नोडल अधिकारी, डीपीएम,समस्त खंड चिकित्सा अधिकारी, समस्त बीपीएम एवं विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।समीक्षा के दौरान सीएमएचओ डॉ एस एन केशरी द्वारा समस्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के लक्ष्य एवं उपलब्धि की जानकारी दी गई।कलेक्टर ने सभी चिकित्सा अधिकारियों को अपने ड्यूटी टाइम में चिकित्सालय में उपस्थित रहकर मरीजों का इलाज करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने पीवीटीजी बसाहटों में स्वास्थ्य शिविर लगाकर उन्हें स्वास्थ्य लाभ पहुचाने के निर्देश दिए।शिविर में उनका आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण, खून, शुगर, बीपी की जांच, आयुष्मान कार्ड बनाने आदि जैसे अनेक स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं से लाभांवित करने के लिए कहा। इन बसाहटों में टीबी मरीजों का कांटेक्ट ट्रेसिंग कर उन्हें दवाइयां, निक्षय मित्रों के माध्यम से तथा टेस्ट का रेशियो पूरा करने की बात कही। उन्होने निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्र में आयुष्मान कार्ड एवं दिव्यांग प्रमाणपत्र प्राथमिकता से बनायें।
बैठक में कलेक्टर ने कहा कि सभी केंद्रों में आवश्यक सभी दवाइयां की शत प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।जिले में संस्थागत प्रसव की उपलब्धि की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने शत प्रतिशत प्रसव संस्थागत कराने के निर्देश दिए। साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं सब हेल्थ सेंटर में संस्थागत प्रसव की संख्या बढ़ाने की बात कही।उन्होंने सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा उप स्वास्थ्य केंद्रों में प्रसव अनिवार्य रूप से कराने के लिए कहा।इस हेतु मितानिनों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं का पंजीयन उनका नियमित स्वास्थ्य जांच एवं फालोअप लेने की बात कही। उन्होंने मातृ मृत्यु एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने हेतु आवश्यक सभी प्रयास करने की बात कही।बैठक में कलेक्टर ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के अंतर्गत दी जाने वाली विभिन्न प्रकार की टीका, कुष्ठ उन्मूलन, क्षय रोग, टी.बी. एड्स, हाइपरटेंशन, अंधत्व निवारण, चश्मा वितरण, विटामिन दवा, मनोरोग चिकित्सा, लैब आन व्हील्स कार्यक्रम की भी समीक्षा करते हुए योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने सभी योजनाओं का शत प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने हेतु सभी अधिकारियों को व्यक्तिगत रुचि लेकर कार्य करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने डीएमएफ मद के तहत नियुक्त किए गये चिकित्सकों के ड्यूटी कार्य की जानकारी ली।उन्होंने डीएमएफ एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत सभी रिक्त पदों पर शीघ्र ही भर्ती करने के निर्देश दिए। उन्होने चयनित चिकित्सक या अन्य अभ्यर्थियों के द्वारा ड्यूटी ज्वाइन नहीं करने पर प्रतीक्षा सूची से अभ्यर्थियों का चयन करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि संबंधित गायनकोलॉजिस्ट द्वारा उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं की जांच स्वास्थ्य केंद्रो में समय पर सुनिश्चित की जाएं और उसका फॉलो अप ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर जरूर लेवें। कलेक्टर ने जिला आयुर्वेद अधिकारी को निर्देश दिए कि आयुष विभाग अंतर्गत ओपीडी और आईपीडी का संचालन जल्दी प्रारंभ कराया जाएं ताकि आम नागरिकों को लाभ मिल सके। उन्होंने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य केंद्रों में डीएमएफ मद से स्वीकृत कार्यों को पूर्ण कराए।कलेक्टर ने शासकीय चिकित्सालयों में वेंडरों के द्वारा सप्लाई की गई चिकित्सा उपकरणों की जांच स्पेशिफिकेशन के अनुसार करने तथा सामग्री के टूट-फूट होन पर उसे वापस करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ उदय शर्मा को निर्देशित किया कि योग शिविर, जीवन पद्धति में सुधार, तनावमुक्त जीवन शैली के लिए श्रमिक बाहुल्य क्षेत्रों में लगाकर लोगों को लाभन्वित किया जाएं।