कोरबा : जनसेवा का जज्बा, लोगों की जिंदगी बचाने राजेन्द्र ने ५७वीं बार किया रक्तदान।
Vivek Sahu
Tue, Sep 23, 2025
कोरबा( न्यूज उड़ान) रक्तदान महादान है, रक्त दान से बड़ा कोई दान नहीं है, जैसे नारे आपने कई मौकों पर सुने होंगे।
इन्हें सुनकर आपके भीतर भी रक्तदान की इच्छा जागी होगी।
लेकिन इस बात को कोरबा हाउसिंग बोर्ड कालोनी में रहने वाले राजेन्द्र साहू अपने जीवन में सार्थक कर रहे हैं।
उन्होंने अभी तक 57 बार रक्तदान किया है।
पेशे से अधिवक्ता और वर्तमान में कोरबा के लोक अभियोजक राजेन्द्र साहू बताते हैं कि रक्तदान की शुरूवात वर्ष 1990 में हुई थी।
यह वह दौर था, जब रक्तदान को लेकर लोगों के मन में कई भ्रांतियां थीं।
जिसके चलते लोग जरुरतमंद को रक्तदान के लिए तैयार नहीं होते थे।
उस कठिन दौर में मैंने स्वंय का आत्मविश्वास बढ़ाया और रक्तदान का इरादा बना लिया।
वर्ष 1990 में पहली बार बालको के अस्पताल में रक्तदान किया।
उस समय एक प्रसूता महिला को रक्त की जरुरत थी, प्रसूता के घर वाले खून की तलाश कर रहे थे।
ऐसे व्यक्ति को खोज रहे थे, जो रक्तदान कर सके, प्रसूता के घर वाले ने राजेन्द्र से सम्पर्क किया।
परिस्थितियों को बताया तो साहू अपना खूनदान करने के लिए तैयार हो गए।

वे बालको कंपनी के विभागीय अस्पताल पहुंचे, धीरे- धीरे रक्तदान का यह सिलसिला शुरू हो गया।
वर्ष 1990 से 2022 तक राजेन्द्र ने प्रसूता महिलाओं को कई बार रक्त दिया।
मुश्किल वक्त में उनकी जिंदगी बचाई, ताकि परिवार में खुशियां बनी रहे।
सड़क दुर्घटना में घायलों की जान बचाने के लिए खूनदान किया।
2003 में रक्तदान को लेकर राजेन्द्र साहू के जीवन में एक नया मोड़ आया।
उन्होंने रक्तदान को लेकर संकल्प लिया, तब से लेकर अभी तक हर छह माह में एक बार रक्तदान कर रहे हैं।
नवरात्रि पर साहू रक्तदान करने के लिए कोरबा के बिलासा ब्लड बैंक पहुंचे।
सोमवार को उन्होंने 57 वीं बार खून का दान किया।
इस अवसर पर उनके साथ अतिरिक्त लोक अभियोजक कृष्ण कुमार द्विवेदी, विशेष लोक अभियोजक मोहन सोनी और सुनील सोनवानी सहित अन्य स्टॉफ मौजूद थे।
समाज सेवा और जनकल्याणकारी कार्यों के लिए राजेन्द्र साहू को अखिल भारतीय साहू वैश्य समाज की ओर से दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में समाज रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया था।
साहू समाज को एकजुट करने के लिए 11 राज्यों का दौरा भी किया है।
रक्त वीर और समाज रत्न सम्मान से नवाजे जा चुके हैं

रक्तदान को लेकर साहू के भीतर एक जज्बा है।
उन्होंने इसके लिए दूसरों को भी प्रेरित किया है।
राजेन्द्र ने वर्ष 2010 से 2024 तक रक्तदान महादान अभियान चलाया।
इस मिशन से लोगों को जोड़ने के लिए ब्ल्ड गु्रप डायरेक्ट्री बनाया।
इसमें उन लोगों के नाम और सम्पर्क नंबर को शामिल किया गया, जो रक्तदान करने की इच्छा रखते हैं।
साहू के रक्तदान करने जज्बे को देखते हुए एसईसीएल कोरबा एरिया ने रक्त वीर सम्मान से सम्मानित किया था।
ऐसे भी मौके आए जब पत्नी से छिपाकर करना पड़ा रक्तदान
साहू ने बताया कि जब उन्होंने रक्तदान करना शुरू किया तो कई बार घर परिवार ने उन्हें रोका। कई बार ऐसे मौके आए जब पत्नी को बताए बिना ही उन्होंने दुर्घटना में घायल लोगों की जान बचाने के लिए खून दिया। रक्तदान कर प्रसतूा महिलाओं की जिंदगी बचाई
लेकिन धीरे- धीरे सब सामान्य हो गया।
अब रक्तदान करने पर परिवार वाले उनको हौसला बढ़ाते हैं।
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