WhatsApp Image 2024-04-02 at 11.08.56 PM
29
30
31
32
WhatsApp Image 2024-02-11 at 1.44.12 AM
0bfb0ce8-d486-4b0d-b441-d71ed666c3a4
38b9245b-2238-46b6-95ea-2fdf227d5b25
previous arrow
next arrow
WhatsApp Image 2024-04-02 at 11.08.56 PM
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16
17
18
19
20
21
22
23
24
25
26
27
28
WhatsApp Image 2024-02-11 at 1.44.12 AM
previous arrow
next arrow

Breaking
कनकी धाम जाने में नही होगी परेशानी, उरगा पुलिस की तैयारी पूरी, थाना और चौकी प्रभारी ने जारी किया अपना निजी मोबाइल नंबर।बालको डीपीएस स्कूल के छात्र की लाश बाल्को के कुएं में मिली है।स्वर्गीय बिसाहू दास महंत की स्मृति में लेमरू में मेडिकल कैंप का आयोजनएनटीपीसी कोरबा सफलतापूर्वक आयोजित इंटर-जिला जूनियर गर्ल्स फुटबॉल चैम्पियनशिप।कलेक्टर के निर्देश पर दो और झोलाछाप क्लीनिक सील किए गएचेतना अभियान के तहत न्यू होराइजन डेंटल कालेज में आयोजित किया गया साईबर की पाठशालाचेतना कार्यक्रम, के तहत साइबर की पाठशाला लगाई गई सीपत के स्कूल में। NTPC स्कूल के लगभग 500 छात्र छात्राएं हुए लाभान्वित।महतारी वंदन योजना बना रही महिलाओं को संबल।कलेक्टर ने पोड़ी-उपरोड़ा ब्लॉक में आंगनबाड़ी केंद्र, विद्यालय का किया निरीक्षण।शिशु संरक्षण माह आज से हुआ आरंभ।

KORBA

मिर्जा आसिफ बेग बने रहेंगे मरकजी सीरत कमेटी के अध्यक्ष। शहर के 5 मस्जिदों सहित कई मुस्लिम कमेटियों ने दिया समर्थन।


कोरबा।  मरकजी सीरत कमेटी के अध्यक्ष मिर्जा आसिफ बेग के द्वारा एखलाक खान द्वारा लगाये गये अरोपो का जवाब पत्रकार वार्ता करके दिया लगाए गए आरोपों को झूठा बताया पेश किया साक्ष्य।

मिर्जा आसिफ बेग ने एखलाख खान के विरुद्ध कई संगीन आरोप लगाए दस्तावेज किया पेश।

 

दिनांक 24.08.2023 को जामा मस्जिद के सेक्रेटरी हाजी एखलाक खान के द्वारा प्रेस वार्ता कर मरकजी सीरत कमेटी के अध्यक्ष मिर्जा आसिफ बेग (निशू) के विरुद्ध कई आरोप लगाए। हाजी एखलाक खान के द्वारा मरकजी सीरत कमेटी के अध्यक्ष के विरुद्ध हिसाब को लेकर आरोप लगाया जबकि मिर्जा आसिफ बेग के द्वारा पिछले कार्यकालों में कमेटी के द्वारा किए गए कार्यों का ब्यौरा समाज के नागरिको के मध्य रखते हुए सारा हिसाब-किताब चस्पा किया जा चुका है । मिर्जा आसिफ बेग ने बताया, हाजी एखलाक खान के द्वारा हिसाब-किताब चस्पा होने के बाद भी ऐसे आरोप लगाना समाज के बीच में भ्रम पैदा करना एवं बदनाम करने की साजिश है एवं समाज को बाटने का प्रयास किया जा रहा है।

हाजी एखलाक खान के द्वारा कहा गया कि 11 अगस्त 2023 दिन शुक्रवार को हुई मरकज़ी सिरत कमेटी की बैठक की जानकारी उन्को नहीं दी गई जबकी उक्त बैठक के आयोजन का ऐलान स्वयं जामा मस्जिद में हाजी एखलाक खान के द्वारा किया गया था, मिर्जा आसिफ बेग के द्वारा स्वयं शहर की सारी मस्जिदों में ऐलान कराया गया ताकि समाज के बीच होने वाली महत्वपूर्ण बैठक की जानकारी समाज के लोगों को मिल सके। हाजी एखलाक खान के द्वारा 11 अगस्त 2023 की बैठक में मिर्जा आसिफ बेग को विभिन्न आरोप लगाते हुए अध्यक्ष पद से हटाए जाने के प्रस्ताव रखा जिसमें समाज के लोगों ने हाजी एखलाक खान के इस क्रित्य पर रोश व्यक्त किया, जिससे हाजी एखलाक खान उस मिटिंग से डर कर भाग खड़े हुए और समाज के बीच भ्रम फैलाने की नियत से मिर्जा आसिफ बेग पर अभद्र व्यवहार जैसा गंभीर आरोप लगाया । 11 अगस्त की बैठक का साक्षी केवल हाजी एखलाक खान नहीं, बल्कि कोरबा की पूरी आवाम है। हाजी एखलाक खान अपने डर को छुपाने के लिए कितना भी प्रयास कर ले आवाम उनकी मीठी-मीठी बातों पर नहीं आएगी ।

हाजी एखलाक खान ने मरकज़ी सिरत कमेटी के अध्यक्ष मिर्जा आसिफ बेग पर निराधार आरोप लगाते हुए मरकज़ी सिरत कमेटी को चंदा ना देने की बात कही है। सिरत कमेटी समाज की कमेटी है जो समाज के लिए धार्मिक आयोजन आदि के कार्यों का निर्वाहन करती है। विभिन्न कार्यो कार्यक्रमो में शहर को सजाया जाता है, रैलियाँ निकाली जाती है, समाज के कार्यों में जो खर्च आता है उस खर्च का वहन समाज के छोटे-छोटे चंदों से आता है जिसका हिसाब-किताब प्रति वर्ष सार्वजनिक बैठक करके समाज के लोगों को जानकारी दी जाती है और शहर की सारी मस्जिदों में चस्पा किया जाता है। यही सिलसिला वर्षों से चला आ रहा है। एखलाक खान के चंदा न दिये जाने की बात को आवाम ने नकार दिया है ।

हाजी एखलाक खान द्वारा मरकज़ी सिरत कमेटी को भंग किये जाने की भ्रामक जानकारी मिडिया के माध्यम से समाज के बीच दी गई है जबकि 11 अगस्त 2023 की बैठक में शहर की आवाम ने मिर्जा आसिफ बेग के पूर्व कार्यकाल में कार्यो की प्रशंसा करते हुये पुनः सीरत कमेटी का अध्यक्ष बनाये जाने पर सहमति दी थी जिससे नाराज होकर और आसिफ बेग के विरुद्ध एखलाक खान द्वारा लगाये गए आरोपों से फैले हुए रोश से डरकर एखलाक खान मिटिंग से भाग खड़े हुए । उनके चले जाने बाद मेमन जमात ने बैठक की अध्यक्षता की एवं यह फैसला लिया कि इस वर्ष मिलादुन्नबी सारे मस्जिदों के ईमाम की सरपरस्ती एवं मेमन जमात की सरपरस्ती में निकाली जायेगी। इस पर विभिन्न कमेटी अपना समर्थन दिया ।

मिडिया के माध्यम से मिर्जा आसिफ बेग ने एखलाक खान से सवाल पूछा।

1. हाजी एखलाक खान जामा मस्जिद के सेक्रेटरी हैं जामा मस्जिद वक्फ बोर्ड के अधीन है मस्जिद के आय के विभिन्न स्त्रोत जैसे मस्जिद के दुकान एवं आवामी चंदा है। हाजी एखलाक खान द्वारा मस्जिद के दुकानों को बेचा जा रहा है किराये की राशियों का गबन किया जा रहा है जिसका मामला कोर्ट में विचाराधीन है।

2. दादर मस्जिद में कुछ वर्ष पूर्व निर्माण के दौरान क्षेत्र के कुछ नागरिकों ने भूमि को शासकीय बताते हुए आपत्ती दर्ज करायी थी जबकि हाजी एखलाक खान की पारिवारिक सदस्य के द्वारा उक्त जमीन को निजी एवं पट्टे की जमीन बताते हुए पूरे जिले के मुस्लिम समाज को गुमराह कर सड़क पर उतार दिया गया जिससे शहर का माहौल बिगड़ चुका था उक्त जमीन शासकीय है इस बात की जानकारी हाजी एखलाक खान को पूर्व में ही थी । सवाल :- एखलाक खान ने समाज के लोगों को दंगे की आड़ में क्यो झोका ? सूत्रों के प्राप्त जानकारी के अनुसार दादर मस्जिद के संबंध में शासन-प्रशासन न्यायालय के कुछ फैसले पारित हुए हैं । उक्त सवालों की जानकारी हमें नहीं है।

शासन-प्रशासन, न्यायालय का जो भी निर्णय होगा उसमें हमारी सहमति होगी । सवाल :- क्या एखलाक खान इस निर्णय से सहमत होंगे ?

3. कुछ वर्ष पूर्व एखलाक खान लुतरा शरीफ दरगाह के अध्यक्ष हुआ करते थे । छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड ने हाजी एखलाक खान के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही करते हुए अध्यक्ष पद से हटाते हुए लगभग 36 लाख के घोटाले का आरोपी बनाया ! धार्मिक स्थल कमाई का साधन है ? एखलाक खान ने इतना बड़ा घोटाला (गमन) करके समाज के लोगों का
सर झुकाया है।
4. जामा मस्जिद कोरबा वक्फ बोर्ड की सम्पत्ति है । युथ मुस्लिम कमेटी कोरबा द्वारा जामा मस्जिद कोरबा के सदर व सेक्रेटरी से जामा मस्जिद के आय-व्यय बचत की जानकारी मांगी गई थी परन्तु आज दिनांक तक सदर एवं सेक्रेटरी द्वारा जानकारी नहीं दी गई है ।

सवाल :- क्या जामा मस्जिद सदर व सेक्रेटरी की निजी सम्पत्ति है ? समाज को सार्वजनिक हिसाब देने से इतना डर क्यों ? क्या यह भी लुतरा शरीफ की तरह गमन का मामला है ?

5. विगत 17 वर्षों से एखलाक खान मुस्लिम समाज के स्वयंभू अध्यक्ष बने हुए थे इनके अध्यक्ष रहते हुए समिति द्वारा समाज को कोई सुविधा, नियम कानून, अनुशासन नहीं दिया गया न ही कोई चुनावी व्यवस्था लागू की गई। समय के साथ लोग जागरुक होते गए एवं लोगों को इनके कथनी और करनी में अंतर समझ आने लगा और अपनी सामाजिक जमीन बचाने के लिए एखलाक खान ने मरकज़ी सिरत कमेटी के अध्यक्ष मिर्जा आसिफ बेग (निशू) के ऊपर गंभीर आरोप लगाये समाज के लोग गुमराह हो सके ।

सवाल :- क्या एखलाक खान को लुतरा शरीफ से गद्दी छीन जाने के बाद कोरबा से भी सामाजिक जमीन खिसकते नजर आ रही है।

6. एखलाक खान से मिर्जा आसिफ बेग (निशू) के ऊपर हिसाब-किताब नहीं देने का आरोप लगाया जबकि मिर्जा आसिफ बेग (निशू) ने सार्वजनिक बैठक करके मरकज़ी सिरत कमेटी का हिसाब-किताब उस बैठक में मौखिक रूप से दिया है एवं मस्जिदों में अवलोकन हेतु चस्पा दिया है इस प्रकार का सार्वजनिक झूठ बोल कर क्या एखलाक खान मिर्जा आसिफ बेग (निशू) को बदनाम कर रहे हैं या स्वयं बेनकाब हो रहे हैं ।


Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button