: न्यू कोरबा हॉस्पिटल और श्वेता हॉस्पिटल पर लगा 20-20 हजार का जुर्माना।
Sat, Jun 28, 2025
कोरबा( न्यूज उड़ान ) मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा सहअध्यक्ष जिला समिति (छत्तीसगढ़ राज्य उपचर्यागृह तथा रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अनुज्ञापन अधिनियम) द्वारा श्वेता हॉस्पिटल जिला जेल के पास, रजगामार रोड़ कोरबा और न्यू कोरबा हॉस्पिटल मंगलम विहार कोसाबाड़ी को निरीक्षण दल से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर संस्थान में पाई गई अनियमितता और नर्सिंग होम एक्ट अधिनियम के उलंघन पाए जाने तथा नोटिस का जवाब असंतोषप्रद पाए जाने पर 20-20 हजार रुपए का अर्थदण्ड लगाया गया है। इसके साथ ही श्वेता हॉस्पिटल के लाइसेंस को 1 जुलाई से 15 जुलाई 2025 तक निलंबित कर दिया गया है। इस संबंध में प्राप्त जानकारी अनुसार दिनांक 24.06.2025 को नर्सिग होम एक्ट के तहत प्राधिकृत निरीक्षण दल द्वारा श्वेता हॉस्पिटल और न्यू कोरबा हॉस्पिटल चिकित्सकीय संस्थान का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण दल द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर उक्त चिकित्सकीय संस्थान में पाई गई अनियमिता के संबंध में दोनो संस्थान को कारण बताओं नोटिस जारी कर 24 घण्टे के भीतर प्रत्युत्तर प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया था। जिसके परिपालन में उनके द्वारा दिनांक 27.06.2025 प्रत्युत्तर प्रस्तुत किया गया। प्रत्युत्तर का अवलोकन करने पर जवाब असन्तोषप्रद पाया गया तथा नर्सिग होम एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन करना भी पाया गया। छत्तीसगढ़ राज्य उपचर्यागृह तथा रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अनुज्ञापन अधिनियम 2010 के नियम 09 एवं नियम 12 के तहत कार्यवाही के तहत सीएमएचओ ने श्वेता अस्पताल का लायसेंस को दिनांक 01.07.2025 से 15.07.2025 तक निलंबित किया है, तथा राशि 20000.00 रूपये ( बीस हजार मात्र) जुर्माना अधिरोपित किया है। निलंबन अवधि में चिकित्सकीय संस्थान में किसी प्रकार की चिकित्सकीय सेवायें संचालित करने की अनुमति नही होगी। इसी तरह न्यू कोरबा हॉस्पिटल चिकित्सकीय संस्थान में पाई गई अनियमिता तथा नर्सिग होम एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन करना पाये जाने पर सीएमएचओ द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य उपचर्यागृह तथा रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अनुज्ञापन अधिनियम 2010 के नियम 12 के तहत न्यू कोरबा हॉस्पिटल को राशि 20000.00 रूपये ( बीस हजार मात्र) जुर्माना अधिरोपित किया गया है।
: उचित मूल्य दुकान के संचालन हेतु आवेदन 04 जुलाई तक आमंत्रित।
Sat, Jun 28, 2025
कोरबा (न्यूज उड़ान) छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश -2016 के खण्ड-9 में उपबंधित निर्बन्धनों एवं शर्तों के अधीन एवं रिक्तता के आधार पर विकासखण्ड पाली क्षेत्रांतर्गत, ग्राम पंचायत - जेमरा, सेन्द्रीपाली, परसदा, अण्डीकछार, कोरबी, बारीउमराव, मुंगाडीह एवं कर्रानवापारा की शासकीय उचित मूल्य दुकानों को नवीन संचालक संस्था को आबंटित किए जाने हेतु कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (रा0), पाली, जिला कोरबा स्तर से ईश्तहार प्रकाशित किया गया है। जिस हेतु राज्य शासन द्वारा अधिकृत एजेंसियों- वृहदाकार आदिम जाति बहुउद्देशीय सहकारी समिति (लेम्प्स), ग्राम पंचायत, महिला स्व सहायता समूह, वन सुरक्षा समितियॉ, अन्य सहकारी समितियॉ, जो छत्तीसगढ़ सहकारी सोसायटी अधिनिम -1960 अथवा छत्तीसगढ़ स्वायत्त सहकारिता अधिनियम -1999 के तहत पंजीकृत हो, के माध्यम से आवेदन आमंत्रित कराया गया है। उक्त कार्यक्षेत्र हेतु पंजीकृत व शासन द्वारा अधिकृत ईच्छुक संस्थाओं के द्वारा कार्यालय, अनुविभागीय अधिकारी, पाली, जिला कोरबा समक्ष 04 जुलाई 2025 तक कार्यालयीन समयावधि में जारी ईश्तहार 18 जून 2025 में उल्लेखित अनुसार आवेदन सह दस्तावेज प्रस्तुत किया जा सकता है। 04 जुलाई 2025 के पश्चात् प्रस्तुत आवेदनों पत्र पर विचार नहीं किया जायेगा। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पाली से संपर्क किया जा सकता है।
: प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना बनी आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण का आधार।
Sat, Jun 28, 2025
कोरबा( न्यूज उड़ान) केंद्र सरकार द्वारा प्रारंभ की गई प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना आज देशभर में आमजन के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाली जनकल्याणकारी योजना के रूप में स्थापित हो चुकी है। यह योजना न केवल बड़े शहरों तक सीमित रही, बल्कि राज्यों के दूरस्थ क्षेत्रों, छोटे शहरों और कस्बों तक भी इसकी प्रभावी पहुंच बनी है। छत्तीसगढ़ राज्य के कोरबा जिले में इस योजना ने ऊर्जा क्रांति का नया अध्याय रच दिया है।
जहां पहले बिजली की खपत को लेकर लोगों के चेहरों पर चिंता और असमंजस देखा जाता था, वहीं अब वही लोग आत्मनिर्भर बनकर बिजली उत्पादन में भी भागीदार हो चुके हैं। प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना ने उन्हें सिर्फ बिजली बिल से मुक्ति नहीं दिलाई, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी सशक्त कदम उठाने का अवसर दिया है। कोरबा, जिसे ऊर्जाधानी के रूप में जाना जाता है, जहां देश के प्रमुख थर्मल पावर प्लांट और बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियां स्थित हैं, वहां ऊर्जा की अहमियत को आमजन भलीभांति समझते हैं। ऐसे में इस योजना का क्रियान्वयन सोने पर सुहागा साबित हुआ है। अब लोगों को यह चिंता नहीं सताती कि गर्मी के मौसम में बिजली का बिल कितना आएगा, या अतिरिक्त भुगतान कैसे किया जाएगा। योजना के चलते अब कोरबा के लोग सोलर पैनलों की मदद से अपने घरों में निःशुल्क बिजली उत्पन्न कर रहे हैं और नवीनीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के उपयोग को प्रोत्साहित कर रहे हैं। कोरबा जिले के कटघोरा निवासी श्री विशेष मित्तल जो पेशे से व्यापारी हैं और एक बाइक शोरूम के संचालक भी हैं, उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगवाकर योजना का प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त किया है। योजना लागू होने से पूर्व उनके घर और शोरूम की बिजली खपत अधिक होती थी, जिससे उन्हें हर महीने भारी बिजली बिल का भुगतान करना पड़ता था। लेकिन अब पैनल लगवाने के बाद उनका बिजली बिल शून्य हो गया है और उन्होंने इस परिवर्तन को अत्यंत सुखद बताया। उन्होंने बताया कि एक दिन अपने पिता श्री गोपाल कृष्ण मित्तल के साथ दुकान पर बैठने के दौरान उन्हें समाचार माध्यमों से इस योजना की जानकारी मिली। योजना की उपयोगिता से प्रभावित होकर उन्होंने अपने पिता की सलाह पर प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर पंजीकरण कराया। महज 3 से 4 दिनों के भीतर उनके घर की छत पर सोलर पैनल स्थापित हो गया। इसके कुछ ही समय बाद शासन से ₹78,000 की सब्सिडी भी प्राप्त हो गई। श्री मित्तल ने यह पैनल अपनी माताजी श्रीमती अंजनी मित्तल के नाम पर स्थापित कराया। वे बताती हैं कि पहले जब उन्होंने इस योजना के बारे में सुना तो विश्वास नहीं हुआ कि ऐसी कोई व्यवस्था भी संभव है जिससे बिजली बिल ही शून्य हो जाए। लेकिन जब पैनल लग गया और वास्तविक रूप में बिजली बिल समाप्त हुआ, तो उन्होंने न केवल स्वयं योजना की सराहना की बल्कि अपने मायके और परिचितों को भी इसके बारे में बताया, जिससे उनके परिवार के अन्य लोगों ने भी इस योजना का लाभ उठाया। मित्तल परिवार ने इस योजना को एक वरदान बताते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि –प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना जैसी योजनाएं वास्तव में आमजन को राहत पहुंचाने वाली होती हैं। इससे हमारे जैसे मध्यमवर्गीय परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूती मिलती है और हम अपने भविष्य को सुरक्षित बना पाते हैं। यह योजना न केवल आर्थिक बचत का साधन बनी, बल्कि पर्यावरण प्रेम और ऊर्जा स्वावलंबन की दिशा में भी बड़ा कदम है।