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सतर्क कोरबा” अभियान के तहत 18 घंटे में ज्वेलरी चोरी का खुलासा, अंतर्राज्यीय गिरोह गिरफ्तार। तीन महिला सहित 5 आरोपी ग

सतर्क कोरबा” के तहत कड़ी कार्यवाही। शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर कोरबा पुलिस का सख्त प्रहार।

सतर्क कोरबा” अभियान के तहत कोरबा पुलिस की कार्यवाही। गाली-गलौज, मारपीट एवं धमकी के मामले में आरोपी गिरफ्तार।

सतर्क कोरबा” अभियान के तहत अपराधियों पर कड़ा प्रहार। हिस्ट्रीशीट खोलकर बदमाशों पर कड़ी निगरानी, जवाबदेही भी तय।

बालको ने फायर सर्विस सप्ताह के माध्यम से अग्नि सुरक्षा जागरूकता को दिया बढ़ावा।

: जिसे समझ रहे थे मृत, वह कर रहा था सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी, लूट व डकैती के मामले वारंटी की थी तलाश, 18 साल बाद पुलिस ने किया गिरफ्तार

Vivek Sahu

Sat, Oct 21, 2023
कोरबा। श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय श्री जितेंद्र शुक्ला के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय श्री अभिषेक वर्मा एवम नगर पुलिस अधीक्षक श्री भूषण एक्का के मार्गदर्शन में गुंडा बदमाश एवं वारंटी की धर पकड़ के लिए दिशा निर्देश दिए गए थे इसी क्रम में गुंडा बदमाशो और वारंटियों की धर पकड़ शुरू की गई है। इसी कड़ी में सिविल लाइन थाना प्रभारी मृत्युंजय पांडे ने वारंटी की कुंडली खंगालने के लिए सिविल लाइन पुलिस टीम को लगाया था । वह लंबे समय से फरार वारंटियों की पता साजी की जा रही थी। इसी दौरान कोतवाली थाना क्षेत्र में वर्ष 2005 में घटित लूट और डकैती का वारंटी जिसमें आरपी नगर निवासी प्रसन्न कुमार राही को आरोपी बनाया गया था। वह जमानत पर रिहा होने के बाद से फरार था। थाना प्रभारी के निर्देश पर आरक्षक योगेश राजपूत और दीप नारायण त्रिपाठी वारंटी की तलास में जुटे थे। इसी दौरान पता चला कि एक युवक बालको में निवास करता है। वह एक कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड का काम करता है। उसका हुलिया वारंटी से मिलता जुलता है। इस जानकारी के आधार पर पुलिस टीम निगाह रखे हुए थे। आखिरकार पुलिस ने घर पहुंचते ही युवक को पकड़ लिया। पूछताछ करने पर असलियत सामने आ गई। वह जमानत पर रिहा होने के बाद कई सालो तक नाम बदल बिलासपुर में रह रहा था। इसके बाद बालको आ गया। जहां पहचान छिपाकर गार्ड की नौकरी कर रहा था। चूंकि उसने अपनी पहचान छिपाई थी। वह लोगो से अलग थलग रहता था। उसके परिवार में किसी का देहांत भी हुआ था। ऐसे में जान पहचान के लोग तो उसकी मौत हो जाने का कयास लगाते थे, वही 18 साल तक खोजबीन किए जाने के बावजूद कोई सुराग नहीं मिलने से पुलिस भी मृत समझने लगी थी, लेकिन सालों बाद ही सही आखिरकार वारंटी पुलिस के हत्थे चढ़ ही गया। पुलिस ने वारंट की तामिली करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।

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