: अवैध रेत खनन, परिवहन या भंडारण करते दोबारा पकड़े गए तो सीधे अदालत भेज दिए जाओगे।
Vivek Sahu
Wed, Sep 13, 2023
कोरबा . रेत के अवैध कारोबार से नदी-नालों का सीना छल्ली कर रहे बेलगाम तस्कर कई बार दूसरों के लिए जानलेवा हादसे का कारण बन जाते हैं।
ऐसी एक घटना कोरबा में भी घट चुकी है, जब एक घर से ही परिवार के दो बच्चों की अर्थी उठ गई थी। इन पर लगाम लगाने के साथ हादसे की रोकथाम कर लिए शासन ने सख्त कदम उठाए हैं।
अब अगर कोई इस तरह के अवैध धंधे में लिप्त मिला तो सिर्फ जुर्माना देकर नहीं छोड़ा जाएगा। दोबारा पकड़े गए तो सीधे अदालत में पेश किया जाएगा। जिसके बाद जेल की हवा खाने के साथ लाखों का अर्थदंड भी भुगतना पड़ सकता है।
विशेष सचिव छत्तीसगढ़ शासन खनिज साधन विभाग द्वारा 6 सितंबर को जारी पत्र के तहत प्रदेश में रेत एवं अन्य खनिजों के अवैध उत्खनन परिवहन या भंडारण पर उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ बिलासपुर के समक्ष दायर याचिका में 4 एवं 23 अगस्त को पारित,
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अंतरिम आदेश के अनुसार प्रभावी रोकथाम किए जाने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किये गए हैं। इस आदेश का पालन सुनिश्चित करते हुए जिला कार्यालय खनिज शाखा द्वारा रेत एवं अन्य खनिजों के अवध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर लगातार प्रभावी कार्यवाही की जा रही है।
जिले में अवैध उत्खन प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रो का चिन्हांकन किया गया है। भिलाईखुर्द, मोतीसागर, बरमपुर एवं राताखार में अवैध उत्खनन, परिवहन के लिए प्रयुक्त होने वाले मार्गों को अवरुद्ध किया गया है।
जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों के रूप में सूचीबद्ध भिलाईखुर्द, मोतीसागर, बरमपुर, राताखार, भैसामुड़ा, तरदा, कसरेंगा एवं कुचैना में नोटिस बोर्ड स्थापित किया गया है। जिसमें खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम 1957 के तहत अवैध उत्खनन-परिवहन किए जाने पर 2 से 5 वर्ष के कारावास की सजा हो सकती है,
इन बातों का उल्लेख किया गया है। खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 (1) एवं 21 (2) के प्रावधानों का मुनादी के माध्यम से व्यापक प्रचार प्रसार के लिए सभी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत एवं आयुक्त नगर निगम कोरबा को 13 सितंबर को पत्र जारी किया गया है। खान एवं खनिज अधिनियम के तहत इन अवैध कार्यों में संलिप्त पाए जाने पर निर्धारित अधिकतम दंड जैसे 5 वर्ष या 2 वर्ष की सजा हो सकती है।
इसके साथ ही 6 लाख रुपए तक जुर्माना एवं प्रत्येक दिन के लिए 50,000 रूपए के अर्थदंड का प्रावधान है। विगत वर्षो में अवैध उत्खनन, परिवहन, भंडारण में संलिप्त एवं आदतन इनमें लिप्त लोगों के द्वारा पुनः अवैध उत्खनन, परिवहन, भंडारण करते पकड़े जाने पर प्रकरण धारा 22 के अनुसार उनके प्रकरण सीधे न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।Tags :
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