: छत्तीसगढ़ के भाँचा राम
Vivek Sahu
Sun, Apr 6, 2025
मन मोहक जन पालक,मुक्ति मार्ग के साँचा राम।
सूर्यवंश म अवतार लेंवईया, छत्तीसगढ़ के भाँचा राम।
राजा दशरथ के दुलरवा बेटा, कौशल्या के लाल।
माता सीता के धनी बने, जग बोले जय सीता-राम ।
मातु पिता के वचन निभइया ,मर्यादा के आदर्श गढ़ईया।
सब के बिगड़े काम बनईया ,मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम।
दुष्ट मन के नाश करईया, ऋषि मुनि के मान बढ़ईया।
बन-बन भटके बनवासी बन, मुनि रूप धारे हे भगवान।
नवधा भक्ति के जनईया, शबरी मां के बेर खवईया।
ऊंच नीच के भेद मिटईया,समदरसी शाकाहारी राम।
बानर भालू ल मित बदईया,ओकर बिगड़े काम बनईया।
भक्त मन के मान बढ़ईया , बजरंगबली के जय श्री राम।
अभिमानी के मान मिटईया,पापी के संघार करईया।
शरणागत के रक्षक बने , उद्धारक प्रभु राम।
राम लखन सीता संग, भरत शत्रुघन अऊ हनुमान।
राम राज म कुलकित लागे,पावन अयोध्या धाम।
मन मोहक जन पालक, मुक्ति मार्ग के साँचा राम।
सूर्यवंश म अवतार लेवईया, छत्तीसगढ़ के भाँचा राम।
रचनाकार- प्रहलाद चन्द्र लखलिया
जैजैपुर , छत्तीसगढ़Tags :
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