Color Heading... : कोरबा की श्रीहित सहचारी सेवा समिति की टोली भी होगी
Vivek Sahu
Sun, Nov 2, 2025
कोरबा की श्रीहित सहचारी सेवा समिति की टोली भी होगी
शामिल — वृंदावन में होगा 151 पोथी श्रीमद्भागवत कथा महायज्ञ, श्रीहित ललित नागरच महाराज जी के सान्निध्य में उमड़ेगा भक्तिभाव का सागर
श्रीधाम वृंदावन।
भगवान श्रीकृष्ण की पावन लीला भूमि वृंदावन इस वर्ष एक ऐतिहासिक और अलौकिक धार्मिक आयोजन का केंद्र बनने जा रही है।
यहाँ 151 पोथी श्रीमद्भागवत कथा महायज्ञ का भव्य शुभारंभ श्रीहित ललित नागरच महाराज जी के दिव्य सान्निध्य में होने जा रहा है।
यह आयोजन केवल कथा न होकर भक्ति, प्रेम और धर्म का एक अद्वितीय संगम बनने वाला है।
इस अवसर पर देश के कोने-कोने से हजारों की संख्या में भक्त, संत-महात्मा, कीर्तन मंडलियाँ और भागवत प्रेमी वृंदावन पहुंचेंगे।
वहीं छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से भी श्रीहित सहचारी सेवा समिति, कोरबा की 27 सदस्यीय भक्त टोली, निरु राय के नेतृत्व में 29 दिसंबर 2025 को कोरबा से वृंदावन के लिए रवाना होगी।
समिति के सदस्यों ने बताया कि यह उनके जीवन का सबसे पवित्र अवसर है कि वे महाराज श्री के सान्निध्य में इस दिव्य कथा में भाग लेने जा रहे हैं।
आयोजन का पवित्र उद्देश्य
श्रीहित ललित नागरच महाराज जी का कहना है — “श्रीमद्भागवत केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि यह जीवन का मार्गदर्शक है, जो हमें धर्म, सत्य और प्रेम के पथ पर चलना सिखाता है।
यह आयोजन केवल श्रवण का नहीं, बल्कि आत्मा को भगवान के सान्निध्य में अनुभव करने का अवसर है।”
यह महायज्ञ महाराज श्री के लगातार 21 वर्षों तक श्रीमद्भागवत कथा वाचन की आध्यात्मिक उपलब्धि और संकल्प की स्मृति में आयोजित किया जा रहा है।
शोभायात्रा और कथा की रूपरेखा।
कथा महायज्ञ का शुभारंभ 31 दिसंबर 2025 को एक भव्य शोभायात्रा के साथ किया जाएगा।
यह शोभायात्रा प्रियावल्लभ जी मंदिर से प्रारंभ होकर फोगला आश्रम तक जाएगी, जहाँ कथा का मुख्य मंच सजाया जाएगा। भक्ति संगीत, संकीर्तन, पुष्पवर्षा और संत-महात्माओं की उपस्थिति से पूरा वृंदावन श्रीकृष्णमय हो उठेगा।
आयोजन स्थल एवं सहयोगी संस्थाएं।
स्थान: फोगला आश्रम, श्रीधाम वृंदावन।
तिथि: 31 दिसंबर 2025 से प्रारंभ।
आयोजक: श्रीहित ललित नागरच महाराज जी।
सहयोग: श्रीहित सहचारी सेवा समिति, कोरबा (छत्तीसगढ़)
कोरबा की टोली का उत्साह और श्रद्धा।
कोरबा की श्रीहित सहचारी सेवा समिति के सदस्य इन दिनों विशेष तैयारी में जुटे हैं।
समिति की प्रमुख निरु राय ने बताया कि सभी सदस्य उत्साहपूर्वक श्रीहित ललित नागरच महाराज जी के सान्निध्य में यह सौभाग्य प्राप्त करने के लिए वृंदावन जाने को उत्सुक हैं।
समिति की ओर से बताया गया कि यह आयोजन केवल भक्ति नहीं, बल्कि धर्म, एकता और प्रेम का सजीव संदेश है, जिसे वे कोरबा से लेकर वृंदावन तक फैलाना चाहते हैं।
भक्ति का महापर्व — जीवन का दिव्य अवसर
वृंदावन की पावन भूमि पर जब 151 पोथियों से भागवत कथा का अमृत रस बहेगा, तब संपूर्ण वातावरण श्रीकृष्ण नाम से गुंजायमान होगा।
यह महायज्ञ प्रत्येक श्रद्धालु के लिए आत्मिक शांति और भक्ति में लीन होने का अनुपम अवसर लेकर आ रहा है।
“धर्म से जुड़ें, प्रेम से बढ़ें और श्रीकृष्ण भक्ति में लीन हों — यही श्रीमद्भागवत का सच्चा संदेश है।”
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