नौशहरा, राजौरी : हिफाज़त: राहत-ए-अवाम: मानसून से पहले नौशहरा में सेना का आपदा तैयारी अभ्यास।
Vivek Sahu
Sat, Jun 6, 2026
नौशहरा, राजौरी / न्यूज उड़ान
मानसून से पहले संभावित बाढ़ और आपदाओं से निपटने के लिए भारतीय सेना ने राजौरी जिले के नौशहरा सेक्टर में ‘हिफाज़त: राहत-ए-अवाम’ अभ्यास का आयोजन किया।
इस सैन्य-नागरिक संयुक्त अभ्यास का मकसद सभी एजेंसियों के बीच तालमेल बढ़ाना और आपदा प्रतिक्रिया तंत्र को परखना था।
अभ्यास में सेना के साथ एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, सिविल डिफेंस और जिला प्रशासन ने हिस्सा लिया।
तवी नदी के किनारे निचले इलाकों में बाढ़ की आशंका को देखते हुए संयुक्त टेबल-टॉप अभ्यास किया गया।
इसमें एसओपी, संसाधनों और समन्वय तंत्र की समीक्षा हुई। काल्पनिक परिस्थितियों पर वॉर-गेमिंग के जरिए त्वरित प्रतिक्रिया की रणनीति बनाई गई।
तवी नदी पर हुआ लाइव बचाव प्रदर्शन।
अभ्यास का मुख्य आकर्षण तवी नदी में संयुक्त बाढ़ बचाव और निकासी प्रदर्शन रहा। टीमों ने नौकाओं से बचाव, रस्सियों से नदी पार कराना, घायलों की निकासी और राहत शिविरों तक पहुंचाने का अभ्यास किया। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के बचाव पर खास फोकस रहा।
इस दौरान ड्रोन निगरानी, आधुनिक संचार उपकरण, लॉजिस्टिक सपोर्ट और राहत सामग्री का प्रदर्शन भी हुआ। एडवांस्ड ड्रेसिंग स्टेशन, मोबाइल मेडिकल टीम और मेडिकल निकासी का लाइव डेमो दिया गया।
सेना के वरिष्ठ अधिकारियों, राजौरी-पुंछ जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस के अधिकारियों ने अभ्यास का अवलोकन किया।
सरपंचों, विलेज डिफेंस गार्ड्स और स्थानीय लोगों की भागीदारी ने सामुदायिक सहयोग के महत्व को दर्शाया।
सेना अधिकारियों के अनुसार ‘हिफाज़त: राहत-ए-अवाम’ से सभी एजेंसियों की आपसी समन्वय क्षमता मजबूत हुई है। यह अभ्यास प्राकृतिक आपदा के दौरान समय पर मदद पहुंचाने और स्थानीय आबादी की सुरक्षा के प्रति सेना की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
रिपोर्ट......अनिल भारद्वाज
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