जम्मू/राजौरी : जम्मू के राजौरी में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की स्थापना की मांग, सीमावर्ती जिला से संजय शर्मा उठाई आवाज।
Vivek Sahu
Wed, Jan 14, 2026
जम्मू/राजौरी/ न्यूज उड़ान
पीर पंजाल क्षेत्र की वर्षों से चली आ रही उपेक्षा पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्थानीय अधिवक्ता एवं सामाजिक नेता संजय शर्मा ने केंद्र और जम्मू-कश्मीर प्रशासन से जम्मू संभाग के अंतर्गत राजौरी जिले में एक नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (एनएलयू) की तत्काल स्थापना की मांग की है।
उन्होंने कहा कि अब इस क्षेत्र के साथ हो रहे क्षेत्रीय असंतुलन को समाप्त किया जाना चाहिए।
संजय शर्मा ने कहा कि पीर पंजाल क्षेत्र, विशेषकर राजौरी को अब तक उच्च शिक्षण संस्थानों के वितरण में लगातार नजरअंदाज किया गया है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि राजौरी केवल एक सीमावर्ती जिला नहीं, बल्कि जम्मू-कश्मीर का भौगोलिक रूप से महत्वपूर्ण केंद्र बिंदु (सेंटर प्वाइंट) है, ऐसे में यहां एनएलयू की स्थापना पूरी तरह तार्किक और न्यायसंगत है।
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प्रतिभा के पलायन पर लगेगा विराम।
उन्होंने कहा कि वर्षों से पीर पंजाल के युवाओं को उच्च और पेशेवर शिक्षा के लिए सैकड़ों किलोमीटर दूर जाना पड़ता है, जिससे परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ता है और क्षेत्र से प्रतिभाओं का पलायन होता है।
संजय शर्मा ने कहा अब समय आ गया है कि हम एकजुट होकर अपनी बात रखें। हम अब सिर्फ मांग नहीं कर रहे, बल्कि अपने हक की मांग कर रहे हैं।
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तीन मजबूत आधारों पर टिकी मांग
संजय शर्मा ने एनएलयू की मांग को तीन प्रमुख आधारों पर रखा—
भौगोलिक केंद्रीयता: राजौरी जम्मू और कश्मीर दोनों संभागों को जोड़ने वाला अहम केंद्र है।
यहां एनएलयू की स्थापना से पूरे केंद्र शासित प्रदेश के छात्रों को लाभ मिलेगा।
आर्थिक और विकासात्मक प्रभाव: एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देगा, रोजगार के अवसर पैदा करेगा और बुनियादी ढांचे का विकास होगा।
कानूनी सशक्तिकरण: विशिष्ट सामाजिक-राजनीतिक चुनौतियों वाले इस क्षेत्र में कानून की उच्च शिक्षा संस्थान से स्थानीय नेतृत्व को सशक्त बनने का अवसर मिलेगा।
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सबका साथ, सबका विकास की कसौटी
संजय शर्मा ने कहा कि सरकार को विकास के पारंपरिक नक्शे से आगे बढ़कर राजौरी और पीर पंजाल के बच्चों की क्षमता को पहचानना चाहिए।
उन्होंने कहा हमारे बच्चे सपने देख रहे हैं, लेकिन ढांचा उनके साथ कदम नहीं मिला पा रहा। राजौरी में एनएलयू की स्थापना कर सरकार यह साबित कर सकती है कि वह वास्तव में सबका साथ, सबका विकास’ में विश्वास रखती है।
बयान के अंत में सामाजिक कार्यकर्ता संजय शर्मा ने स्पष्ट किया कि पीर पंजाल क्षेत्र की आवाज को सत्ता के गलियारों तक पहुंचाने के लिए यह मुहिम लगातार जारी रहेगी और किसी ठोस आश्वासन से कम स्वीकार नहीं किया जाएगा।
रिपोर्ट....अनिल भारद्वाज
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