Monday 27th of April 2026

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कोरबा : मीडिया जगत का एक चमकता सितारा अस्त: सुजल मिश्रा की अकाल विदाई से पत्रकार जगत में शोक की लहर।

मीडिया जगत का एक चमकता सितारा अस्त: सुजल मिश्रा की अकाल विदाई से पत्रकार जगत में शोक की लहर।

"संगठन ने एक मजबूत आधार स्तंभ खो दिया": राष्ट्रीय अध्यक्ष जिग्नेश कालावडिया।

पत्रकारिता जैसी संघर्षपूर्ण दुनिया में, जो कलम हमेशा दूसरों के न्याय के लिए चलती थी, आज वह कलम हमेशा के लिए शांत हो गई है।

'हिंदुस्तान की आवाज' के संपादक और अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति (ABPSSS) के अहमदाबाद जिला अध्यक्ष, सुजल मिश्रा का दिल का दौरा पड़ने से आकस्मिक निधन होने से पूरा मीडिया जगत स्तब्ध है।

एक जीवंत व्यक्तित्व, जो हमेशा दूसरों की मदद के लिए दौड़ने को तत्पर रहता था, उनकी ऐसी अचानक विदाई स्वीकार करना सहकर्मियों और प्रियजनों के लिए कठिन हो गया है।

घटना का विवरण अत्यंत हृदयविदारक है।

अहमदाबाद के कुबेरनगर इलाके में रहने वाले सुजल भाई के परिवार पर सुबह अचानक दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

तड़के जब उन्होंने सीने में असहनीय दर्द की शिकायत की, तो उनकी धर्मपत्नी ने घबराहट के बीच भी सूझबूझ दिखाते हुए तत्काल 108 को सूचित किया।

इस समय उनके परम मित्र दिलीप सिंह भी मित्रता का धर्म निभाते हुए तुरंत मदद के लिए दौड़ आए।

हालाँकि, काल को कुछ और ही मंजूर था अहमदाबाद सिविल अस्पताल के बिस्तर पर जब डॉक्टरों ने इस हंसमुख युवक को मृत घोषित किया, तो वहां मौजूद परिजनों और मित्रों पर मानो वज्रपात हो गया।

सुजल मिश्रा केवल एक पत्रकार या पदाधिकारी ही नहीं थे; वे संगठन के प्राण थे।

अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष जिग्नेश भाई कालावडिया ने अत्यंत भारी मन से कहा कि संगठन ने आज अपना एक आधारशिला (नींव का पत्थर) खो दिया है।

सुजल भाई का स्वभाव इतना मिलनसार और हंसमुख था कि वे छोटे से छोटे आदमी से लेकर बड़े अधिकारियों तक सभी के प्रिय थे।

कलम के इस सिपाही ने हमेशा नवोदित पत्रकारों को सही मार्गदर्शन प्रदान किया और संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

आज जब सुजल भाई का पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन हो गया है, तो पूरे गुजरात के पत्रकार जगत में एक खालीपन छा गया है।

अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति के सभी सदस्यों और पदाधिकारियों ने नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित की और उनकी दिव्य आत्मा की चिर शांति के लिए प्रार्थना की है।

दुख की इस घड़ी में संगठन ने केवल शोक व्यक्त करने के बजाय, मानवता का धर्म निभाते हुए दिवंगत के परिवार के साथ खड़े रहने का संकल्प लिया है।

पूरे गुजरात से पत्रकार मित्रों द्वारा उनके परिवार को मदद करने की कवायद शुरू कर दी गई है।

ईश्वर उनके परिवार को यह असहनीय आघात सहन करने की शक्ति दे, यही प्रार्थना है।

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